उत्तराखंड: भगवान रुद्रनाथ के कपाट खुले, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना

उत्तराखंड: भगवान रुद्रनाथ के कपाट खुले, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
उत्तराखंड: भगवान रुद्रनाथ के कपाट खुले, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
चमोली। पांच केदारों में से चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आज शनिवार (19 मई) को श्रद्धालुओं के लिए विधिवत रूप से खोल दिए गए। शनिवार सुबह पांच बजे मंत्रोच्‍चार के बीच रुद्रनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। भगवान की उत्‍सव डोली दो दिन पहले गोपेश्‍वर के भगवान गोपीनाथ के मंदिर से रुद्रनाथ की डोली रवाना हुई थी।

विदित हो कि भगवान रुद्रनाथ एक मात्र तीर्थ है जहां भगवान शिव के मुखारबिंदु के दर्शन होते हैं। भगवान रूद्रनाथ का यह तीर्थ स्थान देश में सबसे अधिक उंचाई पर स्थित है। जिस कारण यहां अत्यधिक ठंड के पड़ती है। परिणाम स्वरूप यहां के कपाट देर में खुलते हैं और जल्द ही बंद होते हैं। अब यह कपाट श्रद्धालुओं के लिए अगले करीब छह महीने तक खुले रहेंगे। माना जाता है कि पांडवों को रुद्रनाथ में भगवान शिव ने मुख के दर्शन दिए थे। तभी से यह तीर्थ पंच केदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात है। यहां जाने के लिए गोपेश्वर से 21 किलोमीटर पैदल दुर्गम यात्रा तय करनी पड़ती है।

भगवान रुद्रनाथ
भगवान रुद्रनाथ
जानिए: भगवान रुद्रनाथ और उनके मंदिर के विषय में

चमोली। उच्च हिमालय में स्थित चतुर्थ केदार के रुप मे विख्यात भगवान रुद्रनाथ के कपाट आज सुबह 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त भक्तों के लिए खोल दिए गए है। कपाट खुलने से पहले पुजारियों ने विधि-विधान के साथ भगवान रुद्रनाथ पूर्जा-अर्जना की। इसके साथ ही धाम में छह माह से पसरा सन्नाटा भी टूट जाएगा।

आपको बता दें कि भगवान की उत्सव डोली पनार बुग्याल में रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों भक्तों के साथ मंदिर पहुंच गई थी। आज सुबह मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट के साथ अन्य पुजारियों ने पूरे विधि-विधान से साथ भगवान रुद्रनाथ ने कपाट खोले।

शीतकाल में गोपेश्वर गोपीनाथ में दर्शन करते है भक्त
भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल में बंद होने के पश्चात रुद्रनाथ की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास के दौरान गोपेश्वर गोपीनाथ में प्रवास करती है। इस दौरान श्रद्धालु गोपेश्वर गोपीनाथ में भगवान रुद्रनाथ के दर्शन करते है।

17 मई को चली थी डोली
17 मई को गोपीनाथ मंदिर से भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली रुद्रनाथ के लिये रवाना हुई थी। डोली सबसे पहले ग्वाड गांव पहुंची थी, जहां जाख देवता की पूजा के बाद देव डोली हिमालय में स्थित पनार बुग्याल प्रवास के लिये रवाना हुई। पनार बुग्याल में रात्री प्रवास में बाद शुक्रवार शाम को डोली रुद्रनाथ पहुंची थी।

भगवान रुद्रनाथ मंदिर उत्तराखंड
भगवान रुद्रनाथ मंदिर उत्तराखंड
रुद्रनाथ मंदिर का इतिहास
भगवान रुद्रनाथ मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है, जो पंचकेदार में से एक है। पंच केदारों में चौथा केदार भगवान रुद्रनाथ है। इस मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि सिर्फ मुख की पूजा की जाती है। संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ में की जाती है। मंदिर में विशाल प्राकृतिक गुफा बनी हुई है, जहां पर शिव की दुर्लभ पाषाण मूर्ति है। यहां शिवजी की गर्दन थोड़ी झुकी हुई है। मान्यता है कि शिव की यह दुर्लभ मूर्ति स्वयंभू है।

वैतरणी कुंड
मंदिर के पास वैतरणी कुंड में शक्ति के रूप में पूजी जाने वाली शेषशायी विष्णु जी की मूर्ति भी है। मंदिर के एक ओर पांच पांडव, कुंती, द्रौपदी के साथ ही छोटे-छोटे मंदिर मौजूद हैं।

नारद कुंड
मंदिर में प्रवेश करने से पहले नारद कुंड है, जिसमें यात्री स्नान करके अपनी थकान मिटाते है और उसी के बाद मंदिर के दर्शन करने पहुंचते है।

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